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हियरा सलल मोर, नटुलन नैन कजरवा / भोजपुरी

हियरा सलल मोर, नटुलन नैन कजरवा, हियरा सलल मोर।
एक त नटुलो अंगिया के पातर, छीको भर कजरो न लागे।
डांड़वा पहिरे लहरा-पटोर, डाँड़वा लपि-लपि जाय।।हियरा.।।१।।
झिरहिर-झिरहिर लदिया बहतु हे ताही में नटुलो नहाय।
अड़रिए चढ़ि के रसिया हेरे, ताही में नोला दहइओ न जाय।।२।।