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होरी खेलन आयो स्याम / ब्रजभाषा

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

होरी खेलन आयो श्याम, आज याए रंग में बोरो री
आज याए रंग में बोरो री, आज याए रंग में बोरो री
याकी हरे बाँस की बाँसुरिया, याए तोरि मरोरो री...

होरी खेलन आयो श्याम...