भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

होली आई रे फूलां री जोड़ी झरमटीयोले / हरियाणवी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

होली आई रे फूलां री जोड़ी झरमटीयोले
ओ कोन खेले रे होली के फाग
किस बीरे के हाथ में मोतियां की माला
किस बीरा के हाथ में गुलाब की छड़ी
होली खेलो रे होली खेलो रे ऋतु फागुन की