मैथिली लोकगीत ♦ रचनाकार: अज्ञात
हौ एत्तेक बात रानी चन्द्रा सुनै छै
आ ड्योढ़ी ऊपरमे चन्द्रा गयलै
करजोड़ी बाबू के कहैय
सुनऽ सुनऽ हौ राजा दरबी
तोरा कहै छी दिल के वार्त्ता
जहि दिन जनम हौ पिता लेलीयै
हा बारह बिघ्घा फुलवाड़ी लगाओलऽ
शिव मंदिर हौ बाबू बनबलऽ
सब दिन पूजा मंदिरमे केलीयै
हौ मालिन हाथ से फूल मंगौलियै
हा कहियो ने सुन्दर फूल तोड़लकै
आज फूलबा अपने हम तोड़बै हौ।
से दियौ तऽ ऑडरवा हौ बाबू
फूल तोड़ैलय जेबै हौ।।