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(ईश्‍वर) / सबीर हका

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(ईश्‍वर) भी एक मज़दूर है
ज़रूर वह वेल्‍डरों का भी वेल्‍डर होगा।
 
शाम की रोशनी में
उसकी आँखें अंगारों जैसी लाल होती हैं,
 
रात उसकी क़मीज़ पर
छेद ही छेद होते हैं।

अँग्रेज़ी से अनुवाद -- गीत चतुर्वेदी