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135 / हीर / वारिस शाह

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सइयां नाल रलके हीर मता कीता खिंड पुंडके गलियां मलियां नी
कैदो आन याजदों फलहे अंदर खबरां तुरत ई हीर नूं घलियां नी
हथीं पकड़ कांवा वांग शाह परियां गुसा खाइके लारियां जलियां नी
कैदो घेर जयों गधा घुमयार पकड़े लाह सेलियां पकड़ पथलियां नी
घाड घाड ठठयार जोपौन धमकां धाई छबियां मोहलियां[1] नीचलियां नी

शब्दार्थ
  1. धान कूटने वाला सोटा