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136 / हीर / वारिस शाह

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गल पा के सेलियां[1] लाह टोपी पाड़ जुलीयां संघ नूं घुटया ने
भन्न दौर कुदके लड़न लतीं रोहड़ विच खुडल[2] दे सुटयां ने
झंजोड़ के कुट के तोड़ मोढा लांगड़[3] पा धड़ा धड़ कुटया ने
वारस शाह दाड़ीपुट फाड़ दिती हथ एह तां बड़ा अखेतरा सुटयो ने

शब्दार्थ
  1. रस्सी
  2. उखल
  3. लंगोट