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188 / हीर / वारिस शाह

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मुशकी[1] चावलां दे भरे आन कोठे सोनपतीए दे झोने छड़ी दे नी
बासबती पशावरी बेगमी सन हरी चंद ते जरदीए[2] परी दे नी
सठी किरचका सेउला किरत कंतल, अनोकीकला तीहरा सरी दे नी
बारीक सुफैद कशमीर चावल खुरश जेहड़े हूर ते परी दे नी
गुलियां सचियां नाक हथोड़ियां दे मोती चुन लंबोरियां[3] जड़ी दे नी
वारस शाह एह जेवरां घड़न ताईं पिछों पिंड सुनआरड़े फड़ी दे नी

शब्दार्थ
  1. खुशबूदार
  2. चावल की किस्म
  3. चावल की किस्म