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235 / हीर / वारिस शाह

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अगे चूड़ियां[1] नाल हंडाइयों नी जुलफां कुंडलदार हुन देख मियां
घत कुंडलां नाग सयाह पलमण[2] वेखे ओह झला जिस लेख मियां
मल वटना लोड़ ददासड़े दा नयन खूनियां दे भरन भेख मियां
आ हुसन दी दीद कर देख जुलफां खूनी नयनां दे भेख नू वेख मियां

शब्दार्थ
  1. कंवार वेले
  2. लटकते