भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

"कला-1 / भवानीप्रसाद मिश्र" के अवतरणों में अंतर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
(नया पृष्ठ: {{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=भवानीप्रसाद मिश्र |संग्रह=शरीर कविता फसलें और …)
 
(कोई अंतर नहीं)

23:46, 5 मार्च 2011 के समय का अवतरण

कला वह है
जो सत्य के अनुरूप हो
और

उठानेवाली हो
हमारी
पीढ़ियों को

यों तो हर लापरवाह
साधन बना सकता है
गिरने का सीढ़ियों को !