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"सित्तर / प्रमोद कुमार शर्मा" के अवतरणों में अंतर
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07:06, 4 जुलाई 2014 के समय का अवतरण
बै बोलै भोत है
टेलीविजन रै पड़दै ऊपर
-हिड़दै ऊपर
आपणै पड़ै ठाडो परभाव खतरनाक
कदैई कटज्यै हाथ-पैर, कदैई कटज्यै नाक!
पछै भी आ चित्रावली आपांनै पसंद है
पण अेक उदास भाखा ई कैसी
-ओ कैड़ो दंद-फंद है
बीं दिन भाखा विधवा हूसी
-बिड़दै ऊपर।