भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
"साईं घोड़े आछतहि / गिरिधर" के अवतरणों में अंतर
Kavita Kosh से
Sharda suman (चर्चा | योगदान) ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=गिरिधर |अनुवादक= |संग्रह= }} {{KKCatKundaliyan}} ...' के साथ नया पन्ना बनाया) |
(कोई अंतर नहीं)
|
19:23, 10 सितम्बर 2014 के समय का अवतरण
साईं घोड़े आछतहि गदहन आयो राज
कौआ लीजै हाथ में दूरि कीजिये बाज
दुरी कीजिये बाज राज पुनि ऐसो आयो
सिंह कीजिये कैद स्यार गजराज चढायो
कह गिरिधर कविराय जहाँ यह बूझि बधाई
तहां न कीजै भोर साँझ उठि चलिए साईं