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"उसी में होकर एकसार / स्वाति मेलकानी" के अवतरणों में अंतर

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13:08, 26 अगस्त 2017 के समय का अवतरण

अंधेरे रास्तों के पार
प्रकाश की जो तेज धार
बुला रही है बार-बार
उसी में होकर एकसार
मैं जल उठी हूँ रोम रोम
मैं बज उठी हूँ तार-तार