तितली (हाइकु) / भावना कुँअर

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(तितली)
नन्हीं तितली
बुरी फँसी जाल में
नोंच ली गई

(पंछी मन)
था मन मेरा
उन्मुक्त पंछी जैसा
जाल में घिरा

(थकान)
थका है पंछी
विस्तृत है गगन
ज़ख़्मी हैं पंख

( रास्ता)
चल रही हैं
धूल -भरी आँधियाँ
खोया है रास्ता

(प्यास)
लेटी थी धूप
सागर तट पर
प्यास बुझाने

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