Last modified on 22 मई 2011, at 02:30

गीत पुरानी पीढ़ी के ये / कुमार रवींद्र

गीत पुरानी पीढ़ी के ये
                  इन्हें सँभालो

रक्खो इन्हें संग्रहालय में
काम आयेंगे यही किसी दिन
शायद कभी इन्हीं में खोजें
अर्थ धूप के साँसें कमसिन

अपने नये पॉप-सुर में
                मत इनको ढालो

इन्हें पुरानी बीन-बाँसुरी
या सितार ही रास आएँगे
निश्चित है - कल बच्चे-बूढ़े
मंत्र समझकर इन्हें गाएँगे

तब तक तुम भी झूठे
            अपने गाल बजा लो

इनमें हैं ढाई आखर के
ऋषि-मुनियों के बोल पुराने
आबोहवा खिले फूलों की
गाँव-गली के पते-ठिकाने

अच्छा हो यदि तुम भी
             इनकी आदत डालो