मन
रुक गया वहाँ
जहाँ वह था ।
नित्य और निरन्तर
गतिशील
लय की अनन्तता में
मन
रुक गया वहाँ
उसके अन्दर
जहाँ घर था ।
मन
रुक गया वहाँ
जहाँ वह था ।
नित्य और निरन्तर
गतिशील
लय की अनन्तता में
मन
रुक गया वहाँ
उसके अन्दर
जहाँ घर था ।