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"आपौ / मीठेश निर्मोही" के अवतरणों में अंतर

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<poem>थारै मिंदरियै पूरीजतौ
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थारै मिंदरियै पूरीजतौ
 
संख
 
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म्हारै घर-आंगणियै बाजतौ
 
म्हारै घर-आंगणियै बाजतौ
कांसी-थाळ ।
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कांसी-थाळ।
  
 
थारै अर
 
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म्हारै
 
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आपै रा
 
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ऐहलांण ।
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आपां सूं ई तौ है
 
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गूंजतौ आखै
 
गूंजतौ आखै
 
आभै
 
आभै
क्यूं म्हारा देव ?
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क्यूं म्हारा देव?
 
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11:04, 17 अक्टूबर 2013 का अवतरण

थारै मिंदरियै पूरीजतौ
संख
म्हारै घर-आंगणियै बाजतौ
कांसी-थाळ।

थारै अर
म्हारै
आपै रा
ऐहलांण।

आपां सूं ई तौ है
औ नाद
गूंजतौ आखै
आभै
क्यूं म्हारा देव?