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जीने के नाम पर / जया जादवानी

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इतनी कहानियाँ
इतनी कविताएँ
इतने-इतने शब्द
दुनिया समझ रही इसे
समय और
समाज का आईना
हमने तो
सिली वही
जीने के नाम पर जो मिली कथरी।