भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

जो शिलाएँ तोड़ते हैं / केदारनाथ अग्रवाल

Kavita Kosh से
Sharda suman (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 12:52, 22 नवम्बर 2014 का अवतरण

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जो शिलाएँ तोड़ते हैं
Joshilayentodtehai.jpg
रचनाकार केदारनाथ अग्रवाल
प्रकाशक साहित्य भंडार, ५०, चाहचन्द, इलाहाबाद-३
वर्ष 2009
भाषा हिन्दी
विषय कविताएँ
विधा
पृष्ठ 201
ISBN 978-81-7779-195-1
विविध
इस पन्ने पर दी गई रचनाओं को विश्व भर के स्वयंसेवी योगदानकर्ताओं ने भिन्न-भिन्न स्रोतों का प्रयोग कर कविता कोश में संकलित किया है। ऊपर दी गई प्रकाशक संबंधी जानकारी छपी हुई पुस्तक खरीदने हेतु आपकी सहायता के लिये दी गई है।