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दूंहों / इंदिरा शबनम

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अजु दूंहों निकिरे थी,
हुन जे झूपिड़ीअ मां
पक ई पक
मानी उते रधी हून्दी
बुख उते, पक ई पक
थकी हून्दी
अजु फ़खु़र सां हू
जोइ जे भरि में हून्दो
हूअ बि हुन सां लॻी वेठी हून्दी
ॿार बि,
चुल्हि खे वेठा हून्दा
घेरे घेरे।
अजु सचु पचु जी मानी
उते रधी हून्दी
खीसे में नोटनि जी गरमाइश
मुछुनि खे वटु हू ॾीन्दो हून्दो
सुगंधि भरी सब्जीअ जी ख़ुशबू
हल्को हल्को ढोढे जो हुॻाउ
अजु दूंहों निकिरे थो
हुन जे झूपिड़ीअ मां
पक ई पक
मानी उते पकी हून्दी
बुख अजु उति थकी हून्दी।