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"बगत / हरि शंकर आचार्य" के अवतरणों में अंतर

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21:51, 23 जनवरी 2016 के समय का अवतरण

घोर सरणाटै मांय पड़ी
उणरी लास
उडीकै
पंचभूतां सूं मिलण सारू।
पण
स्यात उण रो कोई कोनीं
जिण सूं कर सकै
उण री काया अरदास।
उण रै कानीं उठण वाळी
हर एक संवेदना
खिण भर री है।
अरे भाई!
बगत किण रै कनैं है?
हां,
चीलखा, कागला अर कुत्ता
जरूर बणासी
उणनैं आपरो भख।