भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

"माँ तुझे सलाम" के अवतरणों में अंतर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
पंक्ति 5: पंक्ति 5:
 
{{KKFilmRachna
 
{{KKFilmRachna
 
|रचनाकार=मेहबुब
 
|रचनाकार=मेहबुब
}}{{KKCatKavita}}
+
}}
 +
{{KKCatKavita}}
 
{{KKAnthologyMaa}}
 
{{KKAnthologyMaa}}
<Poem>{{KKVID|v=o0-z1zZ7ad0}}
+
<Poem>
 
यहाँ वहाँ  सारा जहाँ देख लिया
 
यहाँ वहाँ  सारा जहाँ देख लिया
 
अब तक भी तेरे जैसा कोई नहीं
 
अब तक भी तेरे जैसा कोई नहीं
पंक्ति 39: पंक्ति 40:
 
अपनी बाँहे खोल दे
 
अपनी बाँहे खोल दे
 
जोर से मुझको गले लगा ले
 
जोर से मुझको गले लगा ले
मुझको फिर वो प्यार दे
+
मुझको फिर वो प्यार दे
तू ही जिन्दगी है, तू  ही मेरी मोहब्बत है
+
तू ही जिन्दगी है, तू  ही मेरी मोहब्बत है
तेरे ही पैरों में जन्नत है
+
तेरे ही पैरों में जन्नत है
तू ही दिल, तू जान, अम्मा
+
तू ही दिल, तू जान, अम्मा
  
 
माँ तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम
 
माँ तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम

11:42, 1 सितम्बर 2013 का अवतरण

रचनाकार: मेहबुब                 

यहाँ वहाँ सारा जहाँ देख लिया
अब तक भी तेरे जैसा कोई नहीं
मैं ऐसे ही नहीं सौ दिन दुनिया घूमा हूँ
नहीं कहीं तेरे जैसा कोई नहीं

मै गया जहाँ भी, बस तेरी याद थी
जो मेरे साथ थी मुझको तड़पाती रुलाती
सब से प्यारी तेरी सूरत
प्यार है बस तेरा, प्यार ही
माँ तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम
अम्मा तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्

जन्म-जन्म तेरा हूँ दीवाना मैं
झूमूँ नाचूँ गाऊँ तेरे प्यार का तराना
मै जीना नहीं सोच नहीं दुनिया की दौलत नहीं
बस लूटूँगा तेरे प्यार का खजाना
एक नजर जब तेरी होती है प्यार की
दुनिया तब तो मेरी चमके दमके महके रे
तेरा चेहरा सूरज जैसा चांद सी ठंड है प्यार में

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्

तेरे पास ही मै आ रहा हूँ
अपनी बाँहे खोल दे
जोर से मुझको गले लगा ले
मुझको फिर वो प्यार दे
तू ही जिन्दगी है, तू ही मेरी मोहब्बत है
तेरे ही पैरों में जन्नत है
तू ही दिल, तू जान, अम्मा

माँ तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम
अम्मा तुझे सलाम, माँ तुझे सलाम

वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्