भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

"सफलता का टिकिट / प्रभुदयाल श्रीवास्तव" के अवतरणों में अंतर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=प्रभुदयाल श्रीवास्तव |अनुवादक= |स...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)
 
(कोई अंतर नहीं)

19:16, 2 अगस्त 2020 के समय का अवतरण

बिल्ली बोली कुत्ता भैया,
ट्यूशन मुझे पढ़ा दो।
गणित बहुत कमजोर हमारी,
पेपर आऊट करा दो।
कुत्ता बोला हम कुत्ते हैं,
करते नहीं घुटाला।
नहीं करेंगे व्यापम जैसी,
हंडी में मुँह काला।
टिकिट सफलता का तो श्रम की,
खिड़की से ही मिलता।
खाद और पानी पाकर ही,
फूल चमन में खिलता