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जपाकुसुम का फूल / लावण्या शाह

195 bytes added, 18:42, 12 सितम्बर 2009
झूम झूम झूम तू डा़ली पर झूम, मन मेरे!
बन के, तू जप कुसुम का फूल
 
डा़ली की हरियाली से तू खेल खेल खिल जा रे
ओ मेरे मन झूम तू, बन जपाकुसुम का फूल
</poem>
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