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सन् 77 के बच्चे / नील कमल
Kavita Kosh से
गाय-बछड़े की जोड़ी
सन् सतहत्तर में
हल जोतते किसान के
थी सामने ।
गाँव के किनारे
नहर से लगी कच्ची सड़क पर
धूल उड़ाती गाड़ी में
आए गाय-बछड़े वाले ।
शाम ढले धुँधलके में
चौपाल में बैठे
हल जोतने वाले किसान के
हमदर्द ।
गाँव अगली सुबह तक
बँट गया था
गाय-बछड़े और हल-किसान में ।
मर्द, औरत, अल्हड़, बूढ़े
बँट गए सब
नहीं बँटे तो सिर्फ़ बच्चे
गाँव में घूमते
पाली बाँधकर लगाते नारे
सुबह गाय-बछड़ा
शाम हल-किसान ।