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कानन ते आंगुरी हटाय कैं सुनौ जी ‘नाथ’ / नाथ कवि

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कानन ते आंगुरी हटाय कैं सुनौ जी ‘नाथ’,
हाल ही जुटे हैं अमरीका अरु जापान हैं।
नाजीन नै यूरोप दबाय रसिया हू दल्यौ,
चारों ओर यूरोप में युद्ध घमासान है॥
चेत रे अचेत रण आयौ द्वार भारत के,
सिंगापुर बर्मा में लड़ाई के निसान हैं।
चाहत भलाई तौ स्वतन्त्रता हवालें कर,
भारत के जौहर कौं जानत जहान है।