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चांद का मुँह टेढ़ा है / गजानन माधव मुक्तिबोध

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चांद का मुँह टेढ़ा है
Chand Ka Munh Tedha hai.jpg
रचनाकार गजानन माधव मुक्तिबोध
प्रकाशक भारतीय ज्ञानपीठ
वर्ष 1964
भाषा हिन्दी
विषय कविता
विधा नई कविता
पृष्ठ 296
ISBNGet Barcode 9788126308239
विविध वर्तमान संस्करण, 2004
इस पन्ने पर दी गई रचनाओं को विश्व भर के स्वयंसेवी योगदानकर्ताओं ने भिन्न-भिन्न स्रोतों का प्रयोग कर कविता कोश में संकलित किया है। ऊपर दी गई प्रकाशक संबंधी जानकारी छपी हुई पुस्तक खरीदने हेतु आपकी सहायता के लिये दी गई है।