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ज़रूरी था हवाओं से पूछना / शरद कोकास

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ज़रूरी था हवाओं से पूछना
बहती हो तो
किसके दुपट्टे की ख़ुशबू लेकर

ज़रूरी था हवाओं से पूछना
चलती हो तो
किस शिशु की धड़कन में
लोरी का संगीत लिए

ज़रूरी था हवाओं से पूछना
उड़त हो तो
किस महुए की मादकता में डूबी

पूछना यह भी ज़रूरी था हवाओं से
दौड़ती हो तो
किस झोपड़ी का लेकर छप्पर-छानी
किस से लूटकर
किस का आसमान।

-1994