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तेरी ही कृपा ते करत संहार मातु / नाथ कवि

जगदम्बा स्तुति

तेरी ही कृपा ते करत संहार मातु,
तेरी ही दया ने अज-रचत जहान है।
तेरी ही कृपा ते विषणु पालत सकल जग,
तेरी ही महर नाथ गावत महान है॥
तेरी अनुकम्पा ते दसानन बिनासौ राम,
तेरे ही अनुग्रह रही भारत की शान है।
तेरे जोर तेरे शोर मेरी ओर मेरे शोर,
विजया भवानी जग जानी जै निशान है॥