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धन्य वीर नाहर जवाहर जग जाहर कों / नाथ कवि

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धन्य वीर नाहर जवाहर जग जाहर कों।
धन्य आजाद त्याग सों ये पद पायो है॥
वर्ष षट् राष्ट्र को सुनायक बन कष्ट सहे।
शांति और अहिंसा ने दिन ये दिखायौ है॥
जिन्नाकी जिद्द या चालाकी चर्चिल की कहौ।
पाकिस्तान योजना को सफल बनायौ है॥
अब तो स्वतंत्रता के द्वार खोल बैठे ‘नाथ’,
विजय दिवस कों धूमधाम सों मनायौ है।