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02:47, 4 अक्टूबर 2018
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अगर तुम बारीकियों को पकड़ रहे हो अश्क आँखों में भर गए होंगे तो सीख जाओगे एक दिन !!हौसले से मंजिल पर बढ़ रहे हो तो जीत जाओगे एक दिन !!या'नी सब ख़्वाब मर गए होंगे
समय की हवा उस रूख में बहने लगेगीबारहा तेरे चाहने वाले,जिस दिशा में तुम होगे ! खुशियों की परछाईयाँ पीछे चलने लगेगींजिस जगह वक़्त पे तुम होगे !साफ नीयत से काम करोगेतो काम भी तुम पर मरेंगे !!सब मुकर गए होंगे
अगर ज़मी-आसमां एक कर रहे होवज़्ह थी, जो दरख़्त सूखा हैतो जीत जाओगे एक दिन !!यूँ ही पत्ते न झर गए होंगे
ख़ामोशी के संग भी तुम आज फिर शाम ढल गयी होगीख़ामोश मत रहना !!हुस्न के नशे में हर दम मदहोश मत रहना !!अपनों को गैर मत करनागैरों से बैर मत करना !!!!आज फिर लोग घर गए होंगे
अपनी मुश्किलों से जो लड़ रहे हो कल क़यामत की बाहों में आकरतो जीत जाओगे एक दिन !!क्या ? वो सब लोग मर गए होंगे
हुस्न इक निकासी ऐ! कज़ा नींद बन के आयी हैआत्मज्ञान सर्वव्यापी तुझसे तो ख़्वाब डर गए होंगे देख के जिनको काँप जाता हूँमौत से पहले मर गए होंगे आसमाँ टूट के बिखर गया है ये तारे भी टूट के बिखर गए होंगे और किस बात जो समझ रहे हो पर मरा है 'वीर'तो जीत जाओगे एक दिन !!उस के जज़्बात मर गए होंगे ।
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