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दानलीला / भाग - 3 / सुंदरलाल शर्मा
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04:59, 27 सितम्बर 2020
अभी जाय घर अपन बताथन। लिगरी दू-के-चार लगाथन॥
तौ फेर श्याम हाल को हो है?। हांसी खेल बात ये नो है॥
जाथौं बंधवा मेर बताथौं।
.....
भुंसड़ा
तोर अभी खेदवाथौं॥
'''दोहा'''
Lalit Kumar
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