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कैसे निजात पायें आतंकवाद से
सब ख़ैर ही मनायें आतंकवाद से
सेना, पुलिस सभी कुछ उपलब्ध है तो फिर
सरकारें क्यों घबरायें आतंकवाद से
 
दो - दो हमारे पी एम की जान जा चुकी
क्षति कितनी और उठायें आतंकवाद से
 
बंदूक , बम से मसले होते न कभी हल
बाज़ भी वो आयें आतंकवाद से
 
विक्षिप्त हैं वो यद्यपि दें नाम धर्म का
लोगों को क्यों डरायें आतंकवाद से
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