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"प्रेम का संकेत / सुभाष काक" के अवतरणों में अंतर

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मेरा तुम्हारे लिए अनुराग
 
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खटकाओ
 
खटकाओ
 
मैं न सुन पाऊँगा।
 
मैं न सुन पाऊँगा।
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11:07, 14 नवम्बर 2013 के समय का अवतरण

मेरा तुम्हारे लिए अनुराग
एक वस्तु की इच्छा नहीं
एक छाया को देखने की अभिलाषा है
जो शरीर और आत्मा
के बीच है।

रहस्य का उद्‌घाटन है यह
क्योंकि इसके अंत में
न मैं मैं हूँ
न तुम तुम हो।

जहाँ पहुँचकर यदि तुम द्वार
खटकाओ
मैं न सुन पाऊँगा।