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"अच्छी बुद्धि / दिविक रमेश" के अवतरणों में अंतर
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22:46, 27 सितम्बर 2015 के समय का अवतरण
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छिः चिड़िया, छिः गैया कैसी
रोज़ रोज़ नंगी ही रहतीं।
सोचे मुनिया बॆठी बॆठी
मम्मी इनकी कुछ न कहतीं?
जहां तहां गोबर कर देती
लाज गाय को कब है आती
चिड़िया भी ऐसी ही होती
बाथरूम में कभी न जाती।
आखिर पापा से ही पूछा
पापा ने यह बात बताई
बेटी इनको हम जैसी तो
अच्छी बुद्धि मिल ना पाई।