भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
मृग-मरीचिका / अनिता भारती
Kavita Kosh से
Sharda suman (चर्चा | योगदान) द्वारा परिवर्तित 18:50, 14 जुलाई 2013 का अवतरण ('{{KKGlobal}} {{KKRachna |रचनाकार=अनिता भारती |संग्रह=एक क़दम मेरा ...' के साथ नया पन्ना बनाया)
प्यार
ममत्व स्नेह
एक मृग-मरीचिका
जिसके पीछे
भागते-भागते हम
अंत में हाँफकर
थककर बैठ जाते है
जीवन के रेगिस्तान में
हरे पेड़
या फिर ताजे पानी से भरा तालाब
सच नही
सच है एक झुलसाते रेत की
मृग-मरीचिका