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कृष्ण जनम / लीला मामताणी

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यशोदा जे अङण में वॻी शहनाई।
ॼायो नंद लालु आहे कृष्ण कन्हाई।।

रूप आ सुहिणो जंहिंजी सुहिणी सूरत
मन खे लुभाए थी, मोहिनी मूरत
छवी सांवरे जी आ सभु खे वणाई
ॼायो नंद लालु आहे कृष्ण कन्हाई।।

गोकुल जा ग्वाल सभु झूला झुलाईनि
नंद यशोदा खे वाधायूं वराइनि
वाह वाह जी मौज मती-थी सभु सणाईं
ॼायो नंद लालु आहे कृष्ण कन्हाई।।

हलो नंद द्वारे आयो प्रभू अवतार धारे
सावण महीने में आहे, अष्टमी मनाई
ॼायो नंद लालु आहे कृष्ण कन्हाई।।