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"मुकरियाँ / भारतेंदु हरिश्चंद्र" के अवतरणों में अंतर

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सीटी देकर पास बुलावै।
 
सीटी देकर पास बुलावै।
रुपया ले तो निकट बिठावै।।
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रुपया ले तो निकट बिठावै॥
 
लै भागै मोहि खेलहिं खेल।
 
लै भागै मोहि खेलहिं खेल।
क्यों सखि सज्जन, नहिं सखि रेल।।
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क्यों सखि साजन, नहिं सखि रेल॥
  
 
सतएँ-अठएँ मा घर आवै।
 
सतएँ-अठएँ मा घर आवै।
तरह-तरह की बात सुनावै।।
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तरह-तरह की बात सुनावै॥
 
घर बैठा ही जोड़ै तार।
 
घर बैठा ही जोड़ै तार।
क्यों सखि सज्जन, नहीं अखबार।।
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क्यों सखि साजन, नहीं अखबार॥
 
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11:18, 19 सितम्बर 2017 के समय का अवतरण

सीटी देकर पास बुलावै।
रुपया ले तो निकट बिठावै॥
लै भागै मोहि खेलहिं खेल।
क्यों सखि साजन, नहिं सखि रेल॥

सतएँ-अठएँ मा घर आवै।
तरह-तरह की बात सुनावै॥
घर बैठा ही जोड़ै तार।
क्यों सखि साजन, नहीं अखबार॥