भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

"हितहरिवंश" के अवतरणों में अंतर

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
('{{KKGlobal}} {{KKParichay |चित्र= |नाम=हितहरिवंश |उपनाम= |जन्म= |जन्मस...' के साथ नया पृष्ठ बनाया)
 
 
पंक्ति 28: पंक्ति 28:
  
 
हित चौरासी में मधुर-लीला-परक चौरासी स्फुट पदों का संग्रह है। हित चौरासी राधावल्लभ सम्प्रदाय का मेरुदण्ड है जिसमें राधा-कृष्ण का अनन्य प्रेम, नित्य विहार, रासलीला, भक्ति-भावना, प्रेम में मान आदि की स्थिति, राधावल्लभ का यथार्थ स्वरुप आदि वर्णन किया गया है।
 
हित चौरासी में मधुर-लीला-परक चौरासी स्फुट पदों का संग्रह है। हित चौरासी राधावल्लभ सम्प्रदाय का मेरुदण्ड है जिसमें राधा-कृष्ण का अनन्य प्रेम, नित्य विहार, रासलीला, भक्ति-भावना, प्रेम में मान आदि की स्थिति, राधावल्लभ का यथार्थ स्वरुप आदि वर्णन किया गया है।
 +
<br>
 +
{{भक्तिकालीन रचनाकार}}

10:41, 27 फ़रवरी 2018 के समय का अवतरण

हितहरिवंश
Photo-not-available-cam-kavitakosh.png
क्या आपके पास चित्र उपलब्ध है?
कृपया kavitakosh AT gmail DOT com पर भेजें

जन्म
निधन
उपनाम
जन्म स्थान
कुछ प्रमुख कृतियाँ
विविध
जीवन परिचय
हितहरिवंश / परिचय
कविता कोश पता
www.kavitakosh.org/

कुछ प्रतिनिधि रचनाएँ


हितहरिवंश की निम्नलिखित रचनाएँ मिलती हैं:

स्फुट पदावली में सिद्धान्त के कुछ दोहों के अतिरिक्त राधा-कृष्ण की ब्रज-लीला का वर्ण है।

हित चौरासी में मधुर-लीला-परक चौरासी स्फुट पदों का संग्रह है। हित चौरासी राधावल्लभ सम्प्रदाय का मेरुदण्ड है जिसमें राधा-कृष्ण का अनन्य प्रेम, नित्य विहार, रासलीला, भक्ति-भावना, प्रेम में मान आदि की स्थिति, राधावल्लभ का यथार्थ स्वरुप आदि वर्णन किया गया है।

भक्तिकालीन रचनाकार
ज्ञानाश्रयी शाखा  कबीररैदासमलूकदासदादू दयालगुरु नानकदेवसुंदरदासधनी धरमदास
प्रेमाश्रयी शाखा  कुतबनमंझनमलिक मोहम्मद जायसीउसमानशेख नबीकासिमशाहनूर मुहम्मद
रामाश्रयी शाखा  तुलसीदासअग्रदासप्राणचंद चौहानहृदयराम
कृष्णाश्रयी शाखा  वल्लभाचार्यहितहरिवंशगदाधर भट्टमीराबाईहरिदाससूरदास मदनमोहनश्रीभट्टहरिराम व्यासरसखानध्रुवदास
अन्य कवि  छीहललालचदासकृपारामनरहरि बंदीजननरोत्तमदासआलमटोडरमलबीरबलगँगमनोहर कविबलभद्र मिश्रजमालकेशवदासहोलरायरहीमकादिरमुबारकबनारसीदाससेनापतिपुहकर कविसुँदरलाल कवि