भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
गदाधर भट्ट
Kavita Kosh से
गदाधर भट्ट

जन्म | |
---|---|
जन्म स्थान | |
कुछ प्रमुख कृतियाँ | |
विविध | |
जन्म संवत् आदि का ठीक-ठीक पता नहीं है। | |
जीवन परिचय | |
गदाधर भट्ट / परिचय |
प्रतिनिधि रचनाएँ
- सखी, हौं स्याम रंग रँगी / गदाधर भट्ट
- दिन दूलह मेरो कुँवर कन्हैया / गदाधर भट्ट
- श्रीगोबिन्द पद-पल्लव सिर पर बिराजमान / गदाधर भट्ट
- नमो नमो जय श्रीगोबिंद / गदाधर भट्ट
- हरि हरि हरि हरि रट रसना मम / गदाधर भट्ट
- है हरितें हरिनाम बड़ेरो / गदाधर भट्ट
- कबै हरि, कृपा करिहौ सुरति मेरी / गदाधर भट्ट
- जयति श्रीराधिके सकलसुखसाधिके / गदाधर भट्ट
- जय महाराज ब्रजराज-कुल-तिलक / गदाधर भट्ट
- झूलत नागरि नागर लाल / गदाधर भट्ट
- आजु ब्रजराजको कुँवर बनते बन्यो / गदाधर भट्ट
- सुंदर स्याम सुजानसिरोमनि / गदाधर भट्ट