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+ | * [[फ़ज़ा होती ग़ुबार-आलूदा सूरज डूबता होता / शहराम सर्मदी]] | ||
+ | * [[बदल जाएगा सब कुछ ये तमाशा भी नहीं होगा / शहराम सर्मदी]] | ||
+ | * [[ब-नाम-ए-इश्क़ इक एहसान सा अभी तक है / शहराम सर्मदी]] | ||
+ | * [[ब-राह-ए-रास्त नहीं फिर भी राब्ता सा है / शहराम सर्मदी]] | ||
+ | * [[बस सलीक़े से ज़रा बर्बाद होना है तुम्हें / शहराम सर्मदी]] | ||
+ | * [[याद की बस्ती का यूँ तो हर मकाँ ख़ाली हुआ / शहराम सर्मदी]] | ||
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00:40, 8 अगस्त 2019 का अवतरण
शहराम सर्मदी
जन्म | 20 अक्टूबर 1975 |
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जन्म स्थान | अलीगढ़, उत्तरप्रदेश, भारत |
कुछ प्रमुख कृतियाँ | |
विविध | |
जीवन परिचय | |
शहराम सर्मदी / परिचय |
ग़ज़लें
- इस सोच में ही मरहला-ए-शब गुज़र गया / शहराम सर्मदी
- ख़ला सा ठहरा हुआ है ये चार-सू कैसा / शहराम सर्मदी
- ग़ुबार-ए-दर्द में राह-ए-नजात ऐसा ही / शहराम सर्मदी
- जो इस बरस नहीं अगले बरस में दे दे तू / शहराम सर्मदी
- फ़ज़ा होती ग़ुबार-आलूदा सूरज डूबता होता / शहराम सर्मदी
- बदल जाएगा सब कुछ ये तमाशा भी नहीं होगा / शहराम सर्मदी
- ब-नाम-ए-इश्क़ इक एहसान सा अभी तक है / शहराम सर्मदी
- ब-राह-ए-रास्त नहीं फिर भी राब्ता सा है / शहराम सर्मदी
- बस सलीक़े से ज़रा बर्बाद होना है तुम्हें / शहराम सर्मदी
- याद की बस्ती का यूँ तो हर मकाँ ख़ाली हुआ / शहराम सर्मदी
- रगों में रात से ये ख़ून सा रवाँ है क्या / शहराम सर्मदी
- वो एक लम्हा-ए-रफ़्ता भी क्या बुला लाया / शहराम सर्मदी
- समुंदर तिश्नगी वहशत रसाई चश्मा-ए-लब तक / शहराम सर्मदी
- हमारे ज़ेहन में ये बात भी नहीं आई / शहराम सर्मदी
- / शहराम सर्मदी