भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
"पृथ्वी पाल रैणा" के अवतरणों में अंतर
Kavita Kosh से
पंक्ति 39: | पंक्ति 39: | ||
*[[घर की खेती / पृथ्वी पाल रैणा]] | *[[घर की खेती / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
*[[सिर से बोझ उतार दिया / पृथ्वी पाल रैणा]] | *[[सिर से बोझ उतार दिया / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
− | *[[गहरा अँधेरा/ पृथ्वी पाल रैणा]] | + | *[[गहरा अँधेरा/ पृथ्वी पाल रैणा]]*[[ढोंग रचो या भ्रम पालो / पृथ्वी पाल रैणा]] |
+ | *[[कुछ तो होगा / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
+ | *[[गुज़रे वक़्त में देखने का हौसला / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
+ | *[[सपने छत से लटक रहे थे / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
+ | *[[मेरे भीतर कई समंदर / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
+ | *[[सब समझाने की बातें हैं / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
+ | *[[बात नहीं बनती / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
+ | *[[ज़िन्दगी की दौड़ में / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
+ | *[[अपनी मज़बूरी सुनाने के लिए मज़बूर हैं / पृथ्वी पाल रैणा]] | ||
+ | *[[मन ही शस्त्रागार हमारा/ पृथ्वी पाल रैणा]] |
01:22, 5 अक्टूबर 2015 का अवतरण
पृथ्वी पाल रैणा
www.kavitakosh.org/Prithvi Paul Raina
www.kavitakosh.org/Prithvi Paul Raina
क्या आपके पास चित्र उपलब्ध है?
कृपया kavitakosh AT gmail DOT com पर भेजें
कृपया kavitakosh AT gmail DOT com पर भेजें
जन्म | 26 जनवरी 1949 |
---|---|
जन्म स्थान | छत्तर(अँद्रेटा), तहसील पालमपुर, ज़िला काँगड़ा, हिमाचल प्रदेश |
कुछ प्रमुख कृतियाँ | |
विविध | |
जीवन परिचय | |
पृथ्वी पाल रैणा / परिचय | |
कविता कोश पता | |
www.kavitakosh.org/Prithvi Paul Raina |
- एक अकेला पंथी / पृथ्वी पाल रैणा
- यह मन पंछी सा / पृथ्वी पाल रैणा
- अंतर / पृथ्वी पाल रैणा
- अंतर्मुखी अँधेरे, बहिर्मुखी उजाले /पृथ्वी पाल रैणा
- एक खिलौना : मैं /पृथ्वी पाल रैणा
- सांसों के समंदर में /पृथ्वी पाल रैणा
- मेरी धरती मेरा आसमान /पृथ्वी पाल रैणा
- दिल/पृथ्वी पाल रैणा
- अजनबी / पृथ्वी पाल रैणा
- देखें सोचें / पृथ्वी पाल रैणा
- बेबसी / पृथ्वी पाल रैणा
- अंजाम / पृथ्वी पाल रैणा
- मरघट / पृथ्वी पाल रैणा
- तलाश / पृथ्वी पाल रैणा
- ज़िन्दगी का वजूद / पृथ्वी पाल रैणा
- स्मृति / पृथ्वी पाल रैणा
- जीवन की सारी गाथा / पृथ्वी पाल रैणा
- मैं भी क्यों बेवक़्त मर गया / पृथ्वी पाल रैणा
- यह तो करना ही होता है / पृथ्वी पाल रैणा
- जगी चेतना भेद खुले / पृथ्वी पाल रैणा
- वह स्वर न जाने कहाँ गया / पृथ्वी पाल रैणा
- घर की खेती / पृथ्वी पाल रैणा
- सिर से बोझ उतार दिया / पृथ्वी पाल रैणा
- गहरा अँधेरा/ पृथ्वी पाल रैणा*ढोंग रचो या भ्रम पालो / पृथ्वी पाल रैणा
- कुछ तो होगा / पृथ्वी पाल रैणा
- गुज़रे वक़्त में देखने का हौसला / पृथ्वी पाल रैणा
- सपने छत से लटक रहे थे / पृथ्वी पाल रैणा
- मेरे भीतर कई समंदर / पृथ्वी पाल रैणा
- सब समझाने की बातें हैं / पृथ्वी पाल रैणा
- बात नहीं बनती / पृथ्वी पाल रैणा
- ज़िन्दगी की दौड़ में / पृथ्वी पाल रैणा
- अपनी मज़बूरी सुनाने के लिए मज़बूर हैं / पृथ्वी पाल रैणा
- मन ही शस्त्रागार हमारा/ पृथ्वी पाल रैणा