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विज्ञान व्रत
Kavita Kosh से
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विज्ञान व्रत | |
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जन्म: 17 जुलाई 1943
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| जन्म स्थान | मेरठ का टेरा गाँव |
| कुछ प्रमुख कृतियाँ | |
| विविध | |
| जीवनी | विज्ञान व्रत / परिचय |
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कविता संग्रह
- बाहर धूप खड़ी है / विज्ञान व्रत
- चुप की आवाज / विज्ञान व्रत
- जैसे कोई लौटेगा / विज्ञान व्रत
- तब तक हूँ / विज्ञान व्रत
- खिड़की भर आकाश / विज्ञान व्रत
प्रतिनिधि रचनाएँ <sort order="asc" class="ul">
- तपेगा जो / विज्ञान व्रत
- जैसे बाज़ परिन्दों में / विज्ञान व्रत
- तेरा ही तो हिस्सा हूँ / विज्ञान व्रत
- मैं था तन्हा एक तरफ़ / विज्ञान व्रत
- एक सवेरा साथ रहे / विज्ञान व्रत
- बच्चे जब होते हैं बच्चे / विज्ञान व्रत
- तनहा क्या करता बेचारा / विज्ञान व्रत
- या तो हमसे यारी रख / विज्ञान व्रत
- तुमने जो पथराव जिए / विज्ञान व्रत
- मेरे सपनों का किरदार / विज्ञान व्रत
- दिल भी वो है, धड़कन भी वो / विज्ञान व्रत
- वो सितमगर है तो है / विज्ञान व्रत
- झगड़े की कुछ वजह न हो तो / विज्ञान व्रत
- आज समन्दर है बेहाल / विज्ञान व्रत
- आज निशाने जिन पर हैं / विज्ञान व्रत
- आग, हवा, पानी का डर था / विज्ञान व्रत
- दर्द पुराना है अपने घर / विज्ञान व्रत
- क्या दहशत क्या मंज़र है / विज्ञान व्रत
- अबके ऐसी चाल चलेगा / विज्ञान व्रत
- अपना पीछा करता जाऊँ / विज्ञान व्रत
- मैं थोड़ा जल्दी में था / विज्ञान व्रत
- सीधी-सादी बात इकहरी / विज्ञान व्रत
- आज बग़ावत सच कहना / विज्ञान व्रत
- यूँ चेहरा-दर-चेहरा भी वो / विज्ञान व्रत
- जुगनू ही दीवाने निकले / विज्ञान व्रत
- मुझको अपने पास बुलाकर / विज्ञान व्रत
- मैं कुछ बेहतर ढूँढ़ रहा हूँ / विज्ञान व्रत
- तुम हो तो ये घर लगता है / विज्ञान व्रत
- सुन लो जो सय्याद करेगा / विज्ञान व्रत
- सारा ध्यान खजाने पर है / विज्ञान व्रत
- मुझको जब ऊँचाई दे / विज्ञान व्रत
- ख़ुद से आँख मिलाता है / विज्ञान व्रत
- मजदूरी के पैसे हो तुम / विज्ञान व्रत
- तल्ख़ नजारे गांवों में / विज्ञान व्रत
- बस अपना ही ग़म देखा है / विज्ञान व्रत
- उनसे मिलने जाना है / विज्ञान व्रत
- एक ज़रा सी दुनिया घर की / विज्ञान व्रत
- चुप रहता था क्या करता / विज्ञान व्रत
- बरसों ख़ुद से रोज ठनी / विज्ञान व्रत
- अपने मुँह पर ताले रखना / विज्ञान व्रत
- / विज्ञान व्रत
- / विज्ञान व्रत
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